अनीसा जानबूझकर पोछा मारते समय अपनी पैंटी खोल देती है और अपनी मस्त चूतड़ों को मटकाती हुई पोछा मारती है, जिसे देखकर मेरा लण्ड बेताब हो जाता है. वो बेकाबू हो जाता है तो मै उसे अपनी पैंट खोलकर खुला छोड़ देता हूँ. मेरा लण्ड विशाल होकर ताप छोड़ने लगता है, इसकी शांति के लिए मै इसे अनीसा के चूतड़ों के बीच उसकी गीली चूत पर लैंड करा देता हूँ. मेरा लण्ड झटके से अनीसा की चूत के अंदर घुस जाता है. देखो अनीसा, इसमे मेरी कोई गलती नहीं है, तुमने मेरे लण्ड को बेताब किया है तो अब तुम्हारी चोदाई करके ही यह शांत हो सकता है. इतना कहकर मै अनीसा की चूतड़ों पर सवार हो गया और घंटो तक उसकी चूतड़ों को घुमा घुमाकर हर पोज में चोदता रहा, बेचारी अब केवल चीखे मार रही थी. पर मै उसकी दनादन चुदाई करके उसके मुँह में लण्ड डालकर सारा वीर्य निकाल दिया. अनीसा मजे से पी गयी. अब जाकर मेरे लण्ड को शांति मिली. और अनीसा को मनमुताबिक ताबड़तोड़ चुदाई का मजा मिला. ❤️❤️